दिल्ली में हनीट्रैप और जबरन वसूली के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है। दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने शबनम साजिद उर्फ सिदरा मंसूर नाम की महिला को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि महिला पिछले कई वर्षों से सोशल मीडिया के जरिए लोगों को जाल में फंसाकर फर्जी केस दर्ज कराने और फिर समझौते के नाम पर मोटी रकम वसूलने का काम कर रही थी।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपी महिला फेसबुक और व्हाट्सएप जैसे प्लेटफॉर्म के जरिए रिटायर्ड सेना अधिकारियों, डॉक्टरों और सरकारी कर्मचारियों से संपर्क बनाती थी। दोस्ती बढ़ाने के बाद वह छेड़छाड़ या रेप जैसे गंभीर आरोप लगाकर केस दर्ज करा देती थी। इसके बाद कथित तौर पर समझौते के लिए लाखों रुपये की मांग की जाती थी।
जांच में यह भी पता चला है कि पिछले करीब 6 वर्षों में महिला ने अलग-अलग थानों में 9 से 10 तक मामले दर्ज कराए थे। पुलिस का कहना है कि आरोपी अलग-अलग नाम और पहचान का इस्तेमाल करती थी, जिससे उसका पूरा रिकॉर्ड एक साथ सामने नहीं आ पा रहा था।
इस पूरे रैकेट का खुलासा तब हुआ जब एक रिटायर्ड आर्मी कैप्टन ने हार मानने के बजाय कानूनी लड़ाई जारी रखी। बाद में सुप्रीम कोर्ट से उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर रद्द होने के बाद मामले की गहराई से जांच शुरू हुई। जांच के दौरान यशदेव सिंह चौहान नाम के एक व्यक्ति को भी गिरफ्तार किया गया, जो खुद को वकील बताकर समझौता कराने का काम करता था।
पुलिस अब इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि कितने लोग इस नेटवर्क का शिकार बने और क्या सरकारी योजनाओं के जरिए भी अवैध तरीके से पैसे लेने की कोशिश की गई थी।


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